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छत्तीसगढ़ के मठ-मंदिरों की परंपरागत मर्यादा एवं संरक्षण हेतु धर्म स्तंभ एवं निर्वाणी अखाड़ा का संकल्प

छत्तीसगढ़ प्रदेश के मठ-मंदिर केवल पूजा स्थलों तक सीमित नहीं हैं, अपितु सनातन धर्म की गौरवशाली परंपरा, संस्कृति और आध्यात्मिक उत्तराधिकार के जीवंत प्रतीक हैं। परंतु हाल के वर्षों में देखने में आया है कि कई स्थानों पर मठ-मंदिरों की महंताई ऐसे अयोग्य व्यक्तियों को सौंपी जा रही है जो ना तो परंपरा से जुड़े हैं और ना ही सनातन धर्म की मर्यादा, साधना और मूल्यों के अनुरूप जीवन यापन करते हैं।

 

धर्म स्तंभ और निर्वाणी अखाड़ा ने इस गंभीर विषय पर चिंता व्यक्त करते हुए ऐलान किया है कि जहां भी मठ-मंदिरों की गरिमा को ठेस पहुँचाई जा रही है या परंपरागत साधु-संतों को दरकिनार कर अयोग्य हाथों में महंताई दी जा रही है, वहाँ धर्म स्तंभ और निर्वाणी अखाड़ा मिलकर संबंधित स्थलों को रिक्त कराने हेतु आवश्यक पहल करेगा। साथ ही, योग्य, परंपरा-सम्मत साधु-संतों को महंताई की जिम्मेदारी सौंपने के लिए आगे आएगा, ताकि सनातन धर्म की मूल भावना और आध्यात्मिक परंपरा की अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखा जा सके।

 

धर्म स्तंभ एवं निर्वाणी अखाड़ा के प्रतिनिधि एवं विश्व हिन्दू महासंघ के प्रदेश संयोजक श्री आलोक पांडेय और डॉ. सौरभ निर्वाणी ने संयुक्त बयान में कहा कि मठ-मंदिरों की पवित्र भूमि पर अवैध कब्जे जमाने वाले भूमाफियाओं के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्म स्तंभ और निर्वाणी अखाड़ा शासन-प्रशासन से इन अवैध कब्जाधारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग करेगा। यदि आवश्यकता पड़ी, तो न्यायालय का भी सहारा लिया जाएगा और मठ-मंदिरों की भूमि को मुक्त कराने के लिए न्यायिक लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ी जाएगी।

 

उन्होंने आगे कहा कि मठ-मंदिर केवल आस्था के केंद्र नहीं हैं, बल्कि समाज के सांस्कृतिक, धार्मिक और नैतिक विकास के आधार स्तंभ हैं। इनकी रक्षा करना प्रत्येक सनातन धर्म प्रेमी का कर्तव्य है। धर्म स्तंभ और निर्वाणी अखाड़ा छत्तीसगढ़ के सभी सनातन धर्मावलंबियों, साधु-संतों और धर्मप्रेमी जनता से अपील करता है कि वे मठ-मंदिरों की रक्षा के इस महाअभियान में सक्रिय सहयोग करें।

 

मुख्य बिंदु:

• परंपरा के विपरीत यदि अयोग्य व्यक्तियों को महंताई सौंपी जाती है, तो धर्म स्तंभ और निर्वाणी अखाड़ा हस्तक्षेप करेगा।

• भूमाफियाओं द्वारा मठ-मंदिरों की जमीनों पर कब्जा किए जाने पर शासन-प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी।

• आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय में मुकदमा दायर कर विधिक लड़ाई लड़ी जाएगी।

• परंपरा से जुड़े योग्य साधु-संतों को महंताई का उत्तराधिकारी बनाने के लिए प्रयास किए जाएंगे।

• धर्म स्तंभ और निर्वाणी अखाड़ा सनातन धर्म और मठ-मंदिरों की गरिमा एवं अखंडता की रक्षा हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

 

 

प्रेषक

आलोक पांडेय

प्रदेश संयोजक

विश्व हिन्दू महासंघ

धर्म स्तंभ एवं निर्वाणी अखाड़ा परिवार

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